रविवार, 21 नवंबर 2010

इक ओमकार


आज गुरु नानक देवजी की जयंती के अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।

गुरु नानक ने अपने उपदेशों के द्वारा समाज में व्याप्त कुरीतियों और बुराइयों को दूर किया। गुरूजी ने कहा -

'अवल अल्ला नूर उपाया,कुदरत दे सब बन्दे

एक नूर ते सब जग उपजिया ,कौन भले कौन मन्दे'
इसी विचार को लेकर गुरूजी ने 'लंगर'की शुरुआत की । इसमें लोगों को उनके रंग,जाति और धर्म में भेदभाव के बिना एकसाथ एक स्थान पर भोजन कराया जाता है। गुरूजी ने कहा की मानव से उसकी जाति ना पूछो,जब व्यक्ति ईश्वर के पास जायेगा तो वहां उसकी जाति नहीं पूछी जाएगी,सिर्फ कर्म देखे जायेंगे। .............................................................सानु मार्गदर्शक।

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शुभकामनाओं सहित

'nazzara'

(www.nazzara.com)

3 टिप्‍पणियां:

  1. गुरु नानक देवजी की जयंती के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं...

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  2. प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनायें।
    आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (22/11/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा।
    http://charchamanch.blogspot.com

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  3. लंगर की शुरुवात के पीछे के पावन विचार से परिचित कराती सार्थक पोस्ट!

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